5. नीरज कुमार यादव (विधायक)
गांधी सर्किट कुर्सेला, सीख सर्किट से लक्ष्मीपुर गुरुद्वारा का जुड़ाव, कुण्डी घाट पर निर्मित पुल, काढ़ागोला घाट पर दर्जनों कटाव निरोधक स्पर, काढ़ागोला घाट से फुलवरिया तक गंगा दार्जिलिंग पथ का चौड़ीकरण, गंगा किनारे दियरा इलाकों के रूप में चिह्नित तेरह पंचायतों में पैंतालीस किलोमीटर से ज्यादा के सड़कों का जाल, सेमापुर, समेली और बरारी में नए पावर स्टेशन का निर्माण, कुर्सेला पावर स्टेशन का क्षमता वर्धन और ग्रामीण इलाकों के कई नदियों पर पुल - पुलियों का निर्माण आदि कार्यों को देखने के बाद सबसे पहले अगर किसी एक सख्स का नाम बरारी विधानसभा के लोगों के जेहन में आता है तो वह नाम है राजद विधायक नीरज कुमार यादव। अपने पहले ही प्रयास में बरारी विधानसभा की जनता का आशीर्वाद प्राप्त करने वाले श्री कुमार को राजद से टिकट दिए जाने के बाद सबसे पहली चुनौती का सामना बरारी - विधानसभा के राजद के संगठन स्तरीय पदाधिकारियों के विरोध के रूप में झेलना पड़ा लेकिन श्री कुमार इससे बिल्कुल भी विचलित नहीं हुए। दरअसल अपने राजनीतिक जीवन के शुरुवाती दिनों से इन्हें विरोध झेलने और अपने विरोधियों को अपनी व्यवहार कुशलता से मना लेने में इन्हें खास महारत हासिल है। श्रीमती मीरा देवी और श्री जनार्दन प्रसाद यादव के सात संतानों में सबसे बड़े नीरज कुमार का जन्म पच्चीस अक्टूबर 1970 को एक मध्यम वर्गीय किसान परिवार में हुआ था। दादा जी स्वर्गीय अजब लाल यादव बचपन में इन्हें रीपुसदन के नाम से पुकारते थे लेकिन ननिहाल वालों को यह नाम पसंद नहीं आया और उन्होंने इनका नाम नीरज रख दिया। इनकी प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा भी इनके ननिहाल में हुई। इनके पिताजी के मामाजी श्री धनपति यादव उच्च विद्यालय हफला गंज में शिक्षक थे जहां से इन्होंने दसवीं तक पढ़ाई की। हाई स्कूल हफ्लागंज से मैट्रिक करने के बाद इन्होंने कटिहार के प्रतिष्ठित महाविद्यालय के. बी. झा कोलेज से इंटरमीडिएट और पॉलिटीकल साइंस में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। घर की आर्थिक स्थिति ठीक - ठाक होने और मां मीरा देवी का बच्चों की पढ़ाई के प्रति खास दिलचस्पी होने के कारण उन्हें अपने शिक्षा प्राप्त करने के दौरान कोई खास समस्या का सामना नहीं करना पड़ा।
अपने कॉलेज लाईफ से ही श्री कुमार समाजसेवा और सिस्टम से परेशान लोगों की मदद के लिए समर्पित रहते थे। दरसअल उनके नानाजी श्याम सुंदर यादव जीयनगंज पंचायत के मुखिया थे और आम लोगों के बीच उनकी प्रतिष्ठा देखकर श्री कुमार बचपन से जरुरत मंद लोगों के लिए संघर्ष करने और समाजसेवा में विशेष रूचि रखने लगे थे। जिसके कारण अक्सर उनका प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों से मुठभेड़ होता रहता था लेकिन यह बात उनकी मां को बिल्कुल भी पसंद नहीं था क्योंकि वह श्री कुमार को पढ़ लिख कर किसी सरकारी कार्यालय में सर्विस करते देखना चाहती थी। 1994 में उन्होंने दरोगा का पी टी पास भी किया था लेकिन समाजसेवा उनकी पहली पसंद होने के कारण प्रतियोगिता परीक्षा में उनकी कोई खास रुचि नहीं थी। इस प्रकार अपने राजनीतक जीवन के शुरुवाती दौड़ में उन्हें अपनी मां के प्रचंड विरोध का सामना करना पड़ा लेकिन समाज सेवा से काफी लगाव होने के कारण श्री कुमार को कई बार अपनी मां से झूठ बोलकर लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए घर से बाहर जाना पड़ता था। समय के साथ घर परिवार के लोगों ने भी यह समझ लिया कि समाजसेवा इनका सिर्फ शोख नहीं बल्कि जुनून है और धीरे धीरे घर के अन्य लोगों के साथ उनकी मां का भी उन्हें समर्थन प्राप्त होने लगा।
श्री कुमार के राजनीतिक जीवन के लिए 1995 में उनके गावं में हुई अगलग्गी की घटना ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दरसअल घरों में आग लगने से प्रभावित पीड़ित लोगों का हाल चाल जानने तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू यादव स्वयं उनके गांव आए हुए थे। उस समय समेली प्रखंड का सृजन नहीं हुआ था और पोठिया फलका प्रखंड के अंतर्गत आता था। श्री कुमार उस समय प्रखंड स्तरीय बीस सूत्री के अध्यक्ष थे और लालू जी के कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन का कार्य इनके द्वारा ही किया गया था। लालू जी श्री कुमार से पहली मुलाकात से ही काफी प्रभावित थे। इसके बाद बरारी विधानसभा के तत्कालीन विधायक प्रेम नाथ जायसवाल के सहयोग से उन्हें पटना में लालू यादव से मुलाकात का कई बार सौभाग्य प्राप्त हुआ। लालूजी के मन में प्रेमनाथ जायसवाल के प्रति विशेष सम्मान था और उन्हें महात्मा के संबोधन से पुकारते थे। प्रेमनाथ जायसवाल से घनिष्ठ संबंध के कारण श्री कुमार को लालू जी काफी पसंद करते थे। दादाजी के बहनोई के बड़े भाई एवं पूर्व विधानसभा स्पीकर रामनारायण मंडल का भी श्री कुमार के घर अक्सर आना जाना होता था। पूर्व सांसद रामशरण यादव भी अक्सर उनके घर आया जाया करते थे। जिसने श्री कुमार के राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2006 में सबसे पहले नीरज कुमार ने जिला परिषद का चुनाव लड़ा और महज साठ वोटों से चुनाव हार गए। इस चुनाव परिणाम से श्री कुमार बिल्कुल भी खुश नहीं थे क्योंकि मोहर के आगे का स्वास्तिक चिन्ह क्षत विक्षत हो जाने के कारण उनके पक्ष में डाले गए कई वोटों को रद्द घोषित कर दिया गया था। इसके विरोध में श्री कुमार हाई कोर्ट भी गए लेकिन उन्हें वहां कोई खास सफलता प्राप्त नहीं हुई लेकिन 2011 के जिला परिषद चुनाव में जनता की अदालत में वह ढाई हज़ार से ज़्यादा वोटों से सफल होकर अपनी चुनावी राजनीति में सफ़लता का पहला स्वाद चखा। यहां उन्हें जिला शिक्षा समिति के अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी दी गई और उन्होंने इस पद की गरिमा के साथ अपने पूर्ववर्तियों की अपेक्षा बेहतर न्याय किया। ऐसा शिक्षक समाज के बुद्धिजीवीयों के साथ साथ शिक्षा विभाग के कई अधिकारियों का भी मानना है। अपने इस कार्यकाल के दौरान सो से ज्यादा मध्य विद्यालय का हाई स्कूल में अपग्रेड करवाना उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि थी। शिक्षकों को अधिकारियों के शोषण से बचाने के लिए लगातार प्रयासरत रहने के कारण शिक्षक समाज में उन्हें काफी लोकप्रियता प्राप्त हुई। इस पद पर रहते हुए उन्होंने अपने संज्ञान में आए कटिहार जिला के किसी भी विभाग अथवा व्यक्ति की समस्या के समाधान हेतु जिला परिषद के सामान्य बैठक में काफी सक्रियतपूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन करते थे और समस्या का त्वरित समाधान करवाते थे।
इस बीच पटना में राजद के उच्च स्तरीय बैठक में श्री कुमार को लालू जी ने इशारों में अपने आवास पर मिलने बुलाया और हाल सामाचार पूछने के बाद उन्हें मोकामा होकर घर लौटने से मना किया। इसके साथ ही जन संपर्क बढ़ाने और लोगों से ज्यादा से ज्यादा जुड़ने के लिए बोला। इस प्रकार लालूजी ने सांकेतिक रूप से चुनाव की तैयारी करने का शुरुवाती संदेश दिया था। 2015 में जदयू से गठबंधन के बाद जब बरारी विधानसभा के लिए उन्हें राजद ने उम्मीदवार बनाया तो एक तरफ संगठन के कुछ पदाधिारियों के द्वारा इसका जमकर विरोध किया गया और दूसरी ओर विपक्षी उम्मीदवार ने अपनी जीत सुनिश्चित देखकर मिठाईयां बंटवाई। हालांकि गठबन्धन के लहर और जनता से जुड़ाव के कारण मत गणना के पूर्व संध्या में दैनिक जागरण के वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश वत्स सहित कई मीडियाकर्मियों ने श्री कुमार के सात हज़ार से अधिक वोटों से जीतने का सफल पूर्वानुमान लगाया और इस प्रकार श्री कुमार अपने पहले ही प्रयास में विधायक बनने में सफल रहे। जनता की सेवा का जुनून इनपर कुछ इस कदर हावी था कि अपने तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान इन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री का अपने विधानसभा क्षेत्र में तीन बार सफल दौरा आयोजित करवा कर बरारी के विकास की रफ़्तार को गति प्रदान करने के लिए लगातार संघर्ष करते रहे हैं। कुछ अति स्वार्थी प्रवृति के लोगों के लगातार आलोचना के बावजूद श्री कुमार आने वाले समय में कटाव पीड़ितों के पुनर्वास, काढ़ागोला घाट पर पुल निर्माण, सेमापुर को प्रखंड और बरारी को अनुमंडल बनाये जाने एवं क्षेत्र में खाद्यान्न के उचित भंडारण हेतु पर्याप्त सरकारी गोदामों के निर्माण, मक्का और मखाना आधारित उद्योग की स्थापना आदि के लिए लगातार प्रयासरत हैं। गरीब गुरबों के इलाज के लिए बरारी रेफरल अस्पताल से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को अलग करवा कर तीस बेड वाले आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से युक्त अस्पताल, समेली में तीस बेड वाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय टीकापट्टी का भवन निर्माण को श्री कुमार अपनी खास उपलब्धि मानते हैं। चार बच्चों मिसा, रोहिणी, विराट और रौनक के पिता श्री कुमार को अपने सामाजिक और राजनीतिक जिम्मेदारियों को पूरा करने में अपनी धर्मपत्नी श्रीमती बेबी देवी का लगातार सहयोग, उत्साहवर्धन और मार्गदर्शन प्राप्त होता रहता है। अपनी राजनीतिक जीवन की सफलता का श्रेय श्री कुमार अपने माता - पिता के आशीर्वाद और जनता से मिलने वाले अपार स्नेह - प्यार को देते हैं।
माननीय विधायक श्री नीरज कुमार यादव के कार्यकाल में बरारी विधानसभा में विकास कार्यों की गाथा
*माननीय विधायक श्री नीरज कुमार यादव के कार्यकाल में बरारी विधानसभा में विकास कार्यों की गाथा*
💫 पोठिया से डूमर, डूमर भाया कालिकापुर तक के पथ का लगभग 60 करोड़ की लागत से चौड़ीकरण और मजबूतीकरण,
💫 एस एच 77 नरहिया से सलीमपुर खैरा, समेली एन एच 31 क्रॉस कर मधेली, मरघिया, वैशखाघात, टाली भट्ठा होते हुए बरारी बाजार से रोनियां, सिक्कट , सेमापुर होते हुए शरीफगंज कटिहार तक के ग्रामीण कार्य विभाग के सड़क का पथ निर्माण विभाग में अधिग्रहण कर लगभग 90 करोड़ की लागत से सड़क के चौड़ीकरण की स्वीकृति
💫 इमली घाट पर लगभग 130 करोड़ की लागत से उच्च स्तरीय पुल का निर्माण,
💫 बरारी प्रखंड को कुर्सेला प्रखंड से जोड़ने वाले सड़क, गुरुमेला से धोबी घाट तक लगभग 14 करोड़ की लागत से पुल का निर्माण की स्वीकृति एवं गिद्धाबारी में भी पुल निर्माण की स्वीकृति दिलवाया गया,
💫 काढ़ागोला घाट से फुलवरिया तक के पथ (जो गंगा दार्जिलिंग रोड के नाम से प्रसिद्ध है) को 31 करोड़ की लागत से चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण,
💫 प्राथमिक विद्यालय पिपरा से कांतनगर गुरुद्वारा तक की ग्रामीण कार्य विभाग की पथ को पथ निर्माण विभाग में अधिग्रहण करवाया गया,
💫 बरारी प्रखंड के बीएम कॉलेज बरारी में छप्पन लाख की लागत से आधुनिक स्टेडियम का निर्माण करवाया गया,
💫 सेमापुर में पावर सबस्टेशन का निर्माण करवाया गया, साथ ही बरारी प्रखंड के लक्ष्मीपुर में पावर सबस्टेशन के निर्माण हेतु राशि दिला कर एक पावर सब स्टेशन का निर्माण कराया
💫 बरारी विधानसभा के लगभग 90% गांवों में विद्युतीकरण का कार्य करवाया गया,
💫 बरारी विधानसभा के सैकड़ों गांव में लगभग एक सौ से ऊपर ग्रामीण कार्य विभाग की सड़कों का निर्माण करवाया गया,
💫 काढ़ागोला घाट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने हेतु जिला पदाधिकारी कटिहार से अनुशंसा करवाया गया,
💫 बरारी विधानसभा अंतर्गत समेली कुर्सेला-बरारी प्रखंड को जोड़ने के साथ साथ 13 पंचायतों को जोड़ने वाली बांधों पर 42 किलोमीटर सड़क का पक्कीकरण, चौड़ीकरण, ऊंचीकरण एवं मजबूतीकरण का कार्य करवाया गया,
💫 बरारी कुर्सेला के विभिन्न तटबंधों में बाढ़ कटाव निरोधक कार्य बोल्डर पीचिंग का कार्य करवाया गया,
💫 समेली प्रखंड अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य उप केंद्र भवन का निर्माण करवाया गया
💫 ऐतिहासिक गुरुद्वारा लक्ष्मीपुर का साढे तीन करोड़ की लागत से जीर्णोद्धार एवं गुरुद्वारा तक जाने वाली सड़क का निर्माण।
💫 गांधी सर्किट कुर्सेला का जीर्णोद्धार एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया
💫 कुर्सेला संगम स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में दर्जा दिलाने के साथ-साथ पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया गया।
💫 कुर्सेला एन एच 31 कुर्सेला संगम स्थल तक सड़क के साथ-साथ दो पुल पुलिया का निर्माण लगभग 8 करोड़ की लागत से करवाया गया
💫 कुर्सेला पावर सबस्टेशन में 5 एमबी की जगह 10 दस एमबी का दो ट्रांसफार्मर लगाकर पावर सबस्टेशन का क्षमता वर्धन करवाया गया
💫 कुर्सेला प्रखंड में दर्जनों सड़क एवं पुल पुलिया का निर्माण करवाया गया
💫 बरारी प्रखंड के दियारा क्षेत्र में और कुर्सेला प्रखंड के दियारा क्षेत्र में बिहार का पहला सौर पावर प्लांट लगभग 36 करोड़ की लागत से लगवाकर विद्युतीकरण करवाया तथा कुर्सेला प्रखंड के अनेकों गांव में विद्युतीकरण का कार्य करवाया गया,
💫 समेली प्रखंड में एक पावर सब स्टेशन का निर्माण करवाया गया,
💫 समेली प्रखंड के समेली प्रखंड के नरहैया धार में पुल पुलिया का निर्माण तथा इन्हें मुख्य सड़क से जोड़ा गया
💫 समेली प्रखंड के टीकापट्टी स्थित टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण महाविद्यालय टीकापट्टी में साढ़े तीन करोड़ की लागत से भवन निर्माण करवाया गया
💫 समेली प्रखंड में दर्जनों गांव में सड़क एवं पुल पुलिया का निर्माण करवाया गया,
💫 समेली प्रखंड में कृष्ण नगर नरैया हाई स्कूल में लगभग छप्पन लाख की लागत से स्टेडियम का निर्माण करवाया
💫 समेली प्रखंड के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तीस बेड का निर्माण करवाया गया
Comments
Post a Comment