9. बालकृष्ण पटेल
ग्राम पंचायती राज सकरेली के वर्तमान मुखिया, कटिहार जिला मुखिया संघ के उपाध्यक्ष, किसान अधिकार मोर्चा बिहार के प्रदेश अध्यक्ष, बरारी के गरीबों, पिछड़ों, दलितों एवं युवाओं की आवाज युवा नेता श्री बालकृष्ण पटेल अपने आस पास की जनसमस्याओं के समाधान हेतु आम जनता को आंदोलित कर उसका नेतृत्व करने के लिए बरारी विधानसभा में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। इनका जन्म सकरेली के एक किसान परिवार में 15 दिसंबर 1984 को हुआ था। इनकी माता का नाम श्रीमती सरोजनी देवी एवं पिता का नाम श्री नारायण मंडल है। यह अपने माता पिता के तीन संतानों में सबसे बड़े हैं। इनके पिताजी को लगातार पच्चीस वर्षों तक अपने सकरेली पंचायत का निर्विरोध पैक्स अध्यक्ष बनने का सौभाग्य प्राप्त है। इनके पिताजी को इफको के द्वारा तीन बार सर्वश्रेष्ठ पैक्स अध्यक्ष भी चुना गया है। श्री पटेल को उनकी नानी प्यार से पुरुषोत्तम बुलाती थी। आज भी उनके माता पिता उन्हें रुस्तम नाम से पुकारते हैं। इनकी प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा प्राथमिक विद्यालय मधुबनी एवं आदर्श मध्य विद्यालय सेमापुर से हुई। इनके चाचा श्री दिनेश प्रसाद सिन्हा श्री राम सुंदर उच्च विद्यालय रामपुर कहलगांव के प्राचार्य थे। 2000 में इसी विद्यालय से इन्होंने मैट्रिक की परीक्षा पास की। बरारी के तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोहर मरांडी से प्रभावित होकर बहुत कम उम्र से इन्हें प्रशासनिक अधिकारी बनने की दिली तमन्ना थी लेकिन बाढ़ के कारण पिताजी को केला की खेती में काफी नुक़सान होने के कारण एकाएक घर की आर्थिक स्थिति खराब हो गई। ऐसे में उन्हें अपने कॉलेज लाइफ में काफी संघर्ष करना पड़ा। अपनी पढ़ाई की जरूरत और स्वयं के पॉकेट खर्च के लिए इन्होंने बच्चों को होम ट्यूशन पढ़ाना शुरू कर दिया। साइंस में काफी रुचि होने के बावजूद पैसों के आभाव में उन्हें के. बी.झा. कॉलेज कटिहार से कामर्स से इंटर करना पड़ा और 2005 में इसी कॉलेज से इतिहास विषय से इन्होंने स्नातक की डिग्री भी प्राप्त की। 2009-12 में तिलकामांझी भागलपुर से एल. एल. बी. की डिग्री प्राप्त की और संपूर्ण विश्वविद्यलय में चोथा स्थान प्राप्त किया। 2015 में इन्हें एल. एल. एम. में भी इस महाविद्यालय में प्रवेश मिल गया लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों और समाज सेवा संबंधी अपनी व्यस्तता के कारण यह अपने एल एल एम की पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए।
अपने पिताजी से सामाजिक कार्यों में रुचि विरासत में प्राप्त हुआ था। पिताजी द्वारा जरूरतमंद लोगों का बढ़ चढ़ कर सहयोग करने की प्रवृत्ति ने इन्हें भी समाजसेवा के कार्यों और जरूरतमदों के सहयोग के लिए बचपन से प्रेरित किया। 2002 में जब श्री पटेल इंटर के छात्र थे तो कुछ दबंग और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों द्वारा हथियार से लैस होकर गांव के एक गरीब परिवार को डराने धमकाने और दहशत का माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा था लेकिन श्री पटेल ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर इन लोगों को ना सिर्फ गांव से खदेड़ कर बाहर भगा दिया बल्कि तीन लोगों को पकड़ कर तात्कालीन उप मुखिया के सुपुर्द किया। इसके बाद पकड़े गए अपराधियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं करने पर इन्होंने पुलीस प्रशासन को भी ख़ूब खड़ी खोटी सुनाया। इनके इस साहसिक कार्य से पूरे गांव के लोग श्री पटेल के मुरीद हो गए और इन्हें अपना नेता मानने लगे। इसके पश्चात इनकी सामाजिक कार्यों में सक्रियता लगातार बढ़ने लगी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के तात्कालीन प्रदेश कार्य समिति सदस्य अश्विनी कुमार और सेमापुर के नगर संयोजक जितेंद्र चौधरी, जय प्रकाश यादव और जे पी यादव, अखिलेश सिंह ने श्री पटेल को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जोड़कर छात्र राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। 2005 और 2006 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सेमापुर के नगर संयोजक रहते हुए इन्होंने बरारी के शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव सिंह के पुत्र अनिल सिंह की हत्या के विरुद्ध प्रशासन द्वारा उचित कार्रवाई करने के लिए वर्तमान शिक्षक नवीन चौधरी के नेतृत्व में जम कर आंदोलन किया और अनिल सिंह की विधवा को न्याय और परिवार के भरण पोषण हेतु शिक्षिका की नौकरी दिलवाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस कार्य में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विश्वविद्यालय संगठन मंत्री अनिल दुबे का भी इन्हें भरपुर सहयोग प्राप्त हुआ। 2007 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला कार्य समिति सदस्य, 2011 और 2012 में प्रदेश कार्यकारिणी समिति के सदस्य के रूप में भी इनकी सक्रियता काफी महत्वपूर्ण रही। 2011 में विश्वविद्यालय कार्यक्रम प्रमुख के रूप में चार सौ छात्रों के व्यक्तित्व विकास हेतु आयोजित कार्यक्रम का संचालन भी इनके द्वारा किया गया। 2013 में इन्हें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कटिहार के सर्वोच्च पद जिला संयोजक की जिम्मेदारी भी सौंपी गई।
स्वामी विवेकानंद, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई और लालूजी को अपना आदर्श मानने वाले श्री पटेल एक बार टेलीविजन पर प्रसारित महान वैज्ञानिक और भारत के पूर्व राष्ट्रपति ए. पी. अब्दुल कलाम का संदेश सुन रहे थे। जिसमें उनके द्वारा देश के समुचित विकास हेतु अच्छे चरित्र के युवाओं को सक्रिय राजनीति में आने का आह्वान किया गया। इसी से प्रेरित होकर उन्होंने 2011 में अपने पंचायत से मुखिया का चुनाव लड़ा लेकिन महज एक सौ सात वोटों से यह चुनाव हार गए। अपने दूसरे प्रयास में इन्हें अपने पंचायत की जनता का आशीर्वाद प्राप्त हुआ और मुखिया बन कर अपने पंचायत के विकास को एक नई दिशा प्रदान करने के लिए लगातार प्रयासरत रहते हैं। श्री मन्ना लाल साह हरिजन उच्च विद्यालय को दान दी गई भूमि को जन आंदोलन की मदद से अवैध कब्जा से मुक्त करा कर गरीब छात्र छात्राओं की शिक्षा के लिए इनके द्वारा एक सफल लड़ाई लड़ी गई। बरारी के लोगों को बिजली आपूर्ति की समस्या से निजात दिलाने के लिए इनके द्वारा लगातार कई चरणों में आंदोलन किया गया, जिसके फलस्वरूप सेमापुर में अतिरिक्त पावर सब स्टेशन की स्थापना हुई और ग्यारह पंचायतों की जनता को दिन में बाईस घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो पाई है। अपने शिक्षक मित्र विवेक कुमार की प्रेरणा से वर्तमान में किसान अधिकार मोर्चा के बैनर तले सेमापुर को एक अलग प्रखंड बनाने के लिए इनके द्वारा लगातार जन आंदोलन और जन संपर्क किया जा रहा है। इस आंदोलन में सचिव चन्दन कुमार सिंह, महासचिव मोहम्मद आलमगीर और उपाध्यक्ष डॉ अभिजीत वैद्य इनके महत्त्वपूर्ण साथी हैं। अपने छोटे भाई रणवीर पटेल (बबलू पटेल) और अपने पिताजी के सहयोग से यह लगातार अपने पंचायत के लोगों के यथासंभव सेवा के लिए समर्पित रहते हैं। अपने पंचायत में शौचालय निर्माण कार्य को आंदोलन के रूप में लेकर 1600 से ज्यादा घरों में इन्होंने शौचालय का निर्माण करवाया है। इसके अलावा अपने पंचायत के प्रत्येक गलियों में सड़कों और नालियों का निर्माण, एवं गरीब बुजुर्गों को वृद्धा पेंशन इनकी प्राथमिकताओं में रहा है। लड़की की शादी, परिजनों के श्राद्ध-कर्म और बीमार लोगों के इलाज़ हेतु अपने दरवाजे पर मदद के लिए दस्तक देने वाले प्रत्येक जरूरतमंद का भरपुर सहयोग करना छात्र जीवन से इनकी आदत में शुमार रहा है। बरारी प्रखंड में सैकड़ों पंचेती कर लोगों के आपसी विवाद को सुलझाने में भी इनकी महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है। पूर्व सांसद श्री निखिल चौधरी, एम एल सी श्री अशोक अग्रवाल, बरारी के वर्तमान विधायक श्री नीरज कुमार, कोंग्रेस के राष्ट्रीय सचिव मोहम्मद तौकीर, बिहार झारखंड के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश संगठन मंत्री निखिल रंजन आदि कद्दावर नेताओं के करीबी रहे श्री पटेल देश की तरक्की के लिए लगातार चिंतित रहते हैं। श्री पटेल की छोटी बहन सविता सिंह ने भी इन्हें हमेशा प्रोत्साहित किया है। अपने समाजसेवा और राजनीतिक गतिविधियों में इन्हें इनकी धर्मपत्नी श्रीमती पूजा पटेल का भरपुर सहयोग प्राप्त होता है और यह उनके प्रेरणा का स्रोत बन कर इन्हें हमेशा होंसला प्रदान करती हैं।। अपनी तमाम व्यस्तताओं के बावजूद श्री पटेल अपने दोनों बच्चों पनवी पटेल और सिद्धार्थ पटेल के बीच फुर्सत के क्षणों को गुजार कर काफी सुकून महसूस करते हैं।
Comments
Post a Comment