12. अल्तमश दीवान

कटिहार के ऑफिसर कॉलोनी स्थित प्रसिद्ध आवासीय ग्लेन हिल पब्लिक स्कूल के संस्थापक निदेशक, प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के चेयमैन और आल इंडिया कांग्रेस के कटिहार जिला कमेटी के उपाध्यक्ष मोहम्मद अल्तमश दीवान बरारी विधानसभा में अपनी शैक्षणिक, सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों और शेरशाहवादी आंदोलन में अपनी सक्रिय भूमिका के लिए विशिष्ट पहचान रखते हैं। इनका जन्म 15 नवम्बर 1966 को एक संपन्न किसान परिवार में बरारी के बंका (सिक्कट) गांव में हुआ था। इनकी माता का नाम जमीला खातून और पिताजी का नाम मोहम्मद नुर दीवान है। अपने सात भाई बहनों में चौथे नंबर पर आने वाले दीवान साहब की प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा अपने गांव के विद्यालय और आदर्श मध्य विद्यालय सेमापुर में हुई है। जे. एन. सी. उच्च विद्यालय सेमापुर से 1884 में मैट्रिक की परीक्षा पास करने के पश्चात इन्होंने आर्ट्स से कटिहार के प्रसिद्ध महाविद्यालय डी. एस. कॉलेज से 1986 में इंटर किया। अपने बचपन के दिनों में इन्हें अपने शिक्षक इरफान साहब और अभिनंदन यादव का काफी स्नेह प्राप्त था। जे. एन. सी. सेमापुर के प्रधानाध्यापक राजेन्द्र प्रसाद चौधरी की अनुशासन प्रियता और विद्यालय प्रबन्धन ने इन्हें प्रभावित किया था। इनके द्वारा ही अमीर गरीब बच्चों को भेदभाव रहित शिक्षा मुहैया कराने के लिए विद्यालय में एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा प्रारंभ किया गया था। दीवान साहब को बचपन से गणित और खास कर अलजेब्रा की पढ़ाई में बिल्कुल भी रुचि नहीं थी। इसलिए 1986-88 में पटना के ए. एन. कॉलेज से पॉलिटीकल साइंस से स्नातक करने के पश्चात 1891 में इन्होंने बिहार इंस्टिट्यूट ऑफ लॉ, पटना से एल. एल. बी. की पढ़ाई पूरी की। बेहतर करियर की तलाश में कुछ दिनों तक दिल्ली में भी समय गुजारा लेकिन वहां इनका मन नहीं लगा और वापस कटिहार लौट कर इन्होंने 1996 से व्यवहार न्यायालय कटिहार में अपनी वकालत प्रारंभ कर दिया।

दीवान साहब बांग्ला भाषी मुसलमानों को बांग्लादेशी घुसपैठिया संबोधित किये जाने से काफी आहत थे। इसी कारण इन्होंने 1985 में स्वर्गीय मुबारक हुसैन (पूर्व विधायक मनिहारी) और मरघिया निवासी प्रोफेसर अब्दुल लतीफ के नेतृत्व वाले संगठन आल बिहार शेरशाहवादी डेवलपमेंट सोसाइटी को ज्वाइन कर लिया। 1996 में लालू सरकार द्वारा इस समुदाय को आरक्षण और 1999 में अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व वाली सरकार के द्वारा ओबीसी का दर्जा दिये जाने के बावजूद जब अखबारों और अन्य माध्यमों में इन्हें बंगलदेशी घुसपैठिया संबोधित किया जाना बन्द नहीं हुआ तो इनके नेतृत्व में न सिर्फ सेमापुर ओ पी के थाना प्रभारी को इस संबंध में आवेदन देकर कारवाई की मांग की गई और मांग पूरी नहीं होने पर सेमापुर बाज़ार बन्द भी करवाया गया। इस बन्द के दौरान 07 अप्रैल 2007 को इन्हें गिरफ्तार कर सैतिंस दिनों के लिए जेल में डाल दिया गया। इस दौरान उन्हें तत्कालीन शेरशाह वादी समुदाय के स्थापित नेताओं का कोई भी सहयोग प्राप्त नहीं हुआ। इनका स्पष्ट मानना है कि वर्तमान समय में बहुचर्चित सिटीजन अमेंडमेंट एक्ट (CAA) के तार भी इस आंदोलन से परोक्ष रूप से जुड़े हुए हैं।

मुस्लिम समाज में भयानक गरीबी और अशिक्षा के प्रकोप एवं पढ़ाई के नाम पर धार्मिक पढ़ाई तक सीमित होने से भी दीवान साहब काफी आहत थे। इसी कारण इन्होंने 13 मार्च 1993 को ऑफिसर कॉलोनी में सभी वर्गों के बच्चों को अंग्रजी माध्यम में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आवासीय ग्लेन हिल पब्लिक स्कूल की स्थापना की और वर्तमान समय में भी इसका बख़ूबी संचालन कर रहे हैं। इस विद्यालय से पढ़ने वाले छात्र अभिषेक झा ने आईपीएस बनकर, अफ़सरा खातून ने डाक्टर बनकर, नावेद दीवान ने आइटियन बन कर तथा कई अन्य छात्र छात्राओं ने इंजीनयरिंग और अन्य सरकारी सेवा में अपनी सेवा देकर देश और समाज के उन्नति में अपना अहम योगदान दे रहे हैं। मुकेश यादव जैसे कुछ छात्र विदेशों में भी अपना परचम लहरा रहे हैं। प्राइवेट स्कूल की समस्याओं के समाधान हेतु दीवान साहब प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन से जुड़कर लगातार संघर्ष करते रहे हैं। 2012-15 में सचिव और 2015 से वर्तमान तक महासचिव के पद पर रहते हुए इस बैनर के तले इन्होंने प्रतिवर्ष प्राइवेट स्कूलों के संचालकों का सम्मेलन करवाया है। अपनी विधानसभा और विधानसभा की जनता की समस्याओं के समाधान हेतु 2000 से लगातार राजनीति और समाजसेवा में भी सक्रिय रहे हैं। आल इंडिया कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में इनके कार्य से प्रभावित होकर 2010-12 में इन्हें जिला प्रवक्ता, 2012-14 में इन्हें कॉन्ग्रेस अल्पसंख्यक विभाग का जिलाध्यक्ष और 2014 से वर्तमान में कांग्रेस के जिला कमिटी उपाध्यक्ष के पद को सुशोभित करने का भी सौभाग्य प्राप्त है। पूर्व केंद्रीय मंत्री माननीय तारीक अनवर, किशनगंज के वर्तमान सांसद डॉ जावेद, कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेमचंद मिश्रा के करीबी दीवान साहब पार्टी की जरूरत के हिसाब से किसी भी जिम्मेदारी और भूमिका के निर्वहन के लिए सदैव तैयार रहते हैं। अपनी राजनीतिक और सामाजिक जीवन में इन्हें पूर्व शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सदानंद सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ शकील अहमद, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अनिल शर्मा, पूर्व बिहार राज्य मंत्री खालिद रशीद साहब का भी भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ है। गैर राजनीतिक परिवार से आने वाले दीवान साहब लगातार राजनीति में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस दौरान इन्हें अपनी धर्मपत्नी जाहिरा खातून का भी भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ है। इनका बड़ा पुत्र नावेद दीवान आईआईटी रोपड़ पंजाब में पढ़ाई कर रहा है। छोटा पुत्र जावेद दीवान बिहार इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। एकमात्र पुत्री रजिया दीवान कोटा से मेडिकल की तैयारी कर रही है।

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