28. स्वर्गीय मांगन साह

गंगा की तेज धार और अतीत की गहराइयों में कुछ ऐसे नाम हैं, जो वर्तमान में विलुप्त प्राय हैं। स्वर्गीय मांगन साह की एक दानदाता समाजसेवी छवि आज भी कुछ बुजुर्गों के कारण अपने अस्तित्व को बचाने में कामयाब है। 500 एकड़ जमीन के मालिक स्वर्गीय कुंजल साह के इकलौते पुत्र स्वर्गीय मांगन साह के प्रयास से वर्तमान में बरारी की एकमात्र बुनियादी विद्यालय राजकीय बुनियादी विद्यालय, कुंज नगर गुरुमेला की शुरुआती नीव रखी गई थी। आजादी के पूर्व साढ़े तीन एकड़ भूमि दान देकर मध्य विद्यालय भरौली का निर्माण करवाया था। इस विद्यालय का संचालन भी इन्हें अपने निजी फंड से करना पड़ता था। देश की आजादी के बाद। 1957 के आसपास इन्होंने पुनः साढ़े तीन एकड़ जमीन दान देकर इसे बुनियादी विद्यालय में परिणत करवाने का कार्य किया था। इसके पूर्व इनके द्वारा एक एकड़ भूमि दान देकर प्राथमिक विद्यालय गुरु मेला का भी निर्माण करवाया गया था। पंचगछिया प्राथमिक विद्यालय का निर्माण भी इनके द्वारा दान दिये गए एक एकड़ ज़मीन पर हुआ था। दुर्भाग्यवश गंगा के प्रचंड कटाव में यह सभी पूर्व निर्मित विद्यालय नष्ट हो गए। राजकीय बुनियादी विद्यालय कुंजनगर, गुरु मेला नोखेलाल यादव द्वारा दान दी गई भूमि पर नव निर्मित भवन में संचालित हो रहा है। प्राथमिक विद्यालय, पंचगछिया मौलाना चक स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिफ्ट करवा दिया गया है जबकि उत्क्रमित मध्य विद्यालय गुरु मेला जोनिया में स्थित प्राथमिक विद्यालय जोनिया में शिफ्ट करवा दिया गया है। शिक्षा प्रेमी स्वर्गीय मांगन साह अपने समाज के बच्चों की पढ़ाई के प्रति काफी चिंतित रहते थे और यथासंभव उनकी मदद किया करते थे। बकिया के एक गरीब लेकिन अत्यंत मेधावी छात्र मूसा काजमी को छात्र जीवन में पढ़ाई के लिए इन्होंने आर्थिक सहयोग उपलब्ध करवाया। यह छात्र आगे चलकर इंटर कौंसिल पटना के सचिव बन कर क्षेत्र का नाम रोशन किया। 20 वर्षों तक लगातार निर्विरोध मुखिया रहने के दौरान इन्होंने समाज और समाज के लोगों की भलाई के लिए कई नेक कार्य क़िये। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुरूमेला का निर्माण भी इनके प्रयास से ही हुआ था। कटाव के कारण गंगा के गर्भ में समा चुके पश्चिम टोला दरबई भी इन्होंने अपने निजी जमीन में बसाया था। दरअसल बहुत कम लोगों को यह मालूम होगा कि कुंज नगर मौजा का नाम भी इनके पिता कुंजल साह के नाम पर रखा गया था। 2001 में कटाव के पूर्व यहां घनी आबादी पाई जाती थी।

स्वर्गीय मांगन साह के दो पुत्र थे - संतलाल साह और मोहन लाल साह। संतलाल साह के तीन पुत्र स्वर्गीय सत्येंद्र प्रसाद साह (बरारी से अंचल निरीक्षक पद से सेवानिवृत्त), नागेंद्र प्रसाद सिंह (भगवती मंदिर कॉलेज बरारी से इतिहास के प्रोफेसर पद से सेवानिवृत्त) और स्वर्गीय नरेंद्र प्रसाद साह (गुरुमेला के ग्रामीण डाकघर के पोस्टमास्टर) हैं। मोहन लाल साह के तीन पुत्र विवेकानंद गुप्ता (शिक्षक), विजय कुमार (समाजसेवी) और आशीष कुमार (व्यवसाई) हैं। विजय कुमार की धर्मपत्नी श्रीमती रजनी कुमारी को जून 2016 से जून 2018 तक बरारी प्रखंड का प्रखंड प्रमुख रहने का सौभाग्य प्राप्त है। प्रोफ़ेसर नागेंद्र प्रसाद साह के धर्म पत्नी रीता साह भी महेश्वरी अकैडमी कटिहार से विज्ञान शिक्षिका के पद से सेवानिवृत्त हुई है।

Comments

Popular posts from this blog

22. नियामातुर रहमान

34. चंद्र्किशोर तिवारी उर्फ चुनचुन सर

23. लक्ष्मी नारायण मंडल