35. मनीष कुमार ठाकुर

संपूर्ण बिहार में भारतीय जनता पार्टी के सबसे युवा प्रखंड अध्यक्ष (समेली) बन कर महज बाइस वर्ष की आयु में तेज तर्रार और कर्मठ युवा नेता मनीष कुमार ठाकुर अचानक ही बरारी विधानसभा के राजनीतिक गलियारों में  2016 में चर्चा का विषय बन गए। इनका जन्म 15 दिसंबर 1993 को एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। इनकी माता का नाम श्रीमती ललिता देवी एवं पिता का नाम अशोक ठाकुर है। यह अपने माता पिता के पांच संतानों में सबसे छोटे संतान हैं। परिवार के बड़े बुजुर्ग इन्हें प्यार से मन्नू के नाम से पुकारते थे। दरअसल इनका यह नाम अरविंद ठाकुर (प्रधानाध्यापक) ने रखा था। शिक्षक का पेशा इनके परिवार का एक पुश्तैनी पेशा रहा है। इनके दादा जी स्वर्गीय इंद्रमोहन ठाकुर भी प्रधानाध्यापक के रूप में अपनी विशेष ख्याति रखते थे और इलाके में इन्हें गुरु जी के नाम से लोग पुकारते थे। इनके परदादा स्वर्गीय महावीर ठाकुर भी एक शिक्षक ही थे। इनके दादा के दादाजी स्वर्गीय बनवारी ठाकुर भी एक शिक्षक के रूप में समाज में अपनी विशिष्ट पहचान रखते थे। इनकी बुआ प्रेमलता देवी भी वर्तमान में बरारी के एक मध्य विद्यालय में शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं।

श्री ठाकुर की प्रारंभिक शिक्षा मध्य विद्यालय डूमर के संपन्न हुई। 2010 में इन्होंने जागेश्वर उच्च विद्यालय से मैट्रिक पास किया। 2012 में इन्होंने आर्ट्स विषय से बनवारी शंकर +2 विद्यालय सहरसा से इंटर की डिग्री प्राप्त किया। 2016 में परमानंद सावित्री महाविद्यालय हरदा पूर्णिया से इन्होंने समाजशास्त्र विषय से स्नातक की डिग्री प्राप्त किया। 2019-21 के सत्र में इग्नू से वर्तमान में समाजशास्त्र विषय से ही स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहे हैं। अपने छात्र जीवन में इन्हें कई गरीब लेकिन मेधावी छात्रों को अपना मित्र बनाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ जैसे पवन भगत, विकास मंडल (इंडियन आर्मी), मोहम्मद फारूक, अमित चौधरी, अभिषेक ठाकुर आदि। विवेकानंद झा इनके एक पारिवारिक शिक्षक थे जिनसे इनके परिवार के सभी बच्चों  बड़े भाई प्रवीण ठाकुर, नीतीश ठाकुर, दीपक ठाकुर, बहन स्नेहलता, स्वर्ण लता आदि के साथ इन्हें भी इनका मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इसके अलावा इन्हें अपने छात्र जीवन में शिक्षक महेंद्र मेहता, धीरेंद्र मंडल, गुरुदेव पासवान, संजय झा, ललन मंडल आदि का भी विशेष स्नेह और मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

अपने छात्र जीवन में ही इन्हें बरारी के तात्कालीन नगर मंत्री नवीन चौधरी के द्वारा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का 2007 में सदस्य बनाया गया। परिषद का सदस्य रहते हुए इन्होंने विभिन्न प्रकार के रचनात्मक, आंदोलनात्मक एवं सामाजिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना प्रारंभ कर दिया। परिषद में इनके कार्यों से प्रभावित होकर 2010 में इन्हें समेली प्रखंड का नगर मंत्री बनाया गया। इस वर्ष इन्होंने मैट्रिक का परीक्षा पास किया था और जब गांव वापस लौटे तो गांव वालों के सहयोग से इन्होंने चंदा एकत्र कर अपने गांव में दुर्गा मंदिर का निर्माण करवाया। इसी वर्ष संघ के विभाग प्रचारक राजारामजी के संपर्क में आने से इनका संघ से भी जुड़ाव हो गया। 2012 में इन्हें जिला कार्य समिति का सदस्य बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस दौरान उन्होंने देखा कि उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के लोग शादी के बहाने बहला-फुसलाकर गरीब परिवार के लड़कियों को खरीद कर ले जाते थे। इन्होंने नसीब इनका विरोध किया बल्कि सुनीता कुमारी नाम की एक अनाथ लड़की का धूमधाम से परिषद के सदस्यों की मदद से विवाह भी संपन्न करवाया। प्रत्येक वर्ष होने वाले कोसी क्षेत्रीय वृद्ध दिव्यांग समिति के वैवाहिक कार्यक्रम में भी इनकी सक्रिय सहभागिता प्रारंभ हो गई। 2013 और 2014 में इन्हें प्रदेश कार्य समिति का सदस्य मनोनीत किया गया। 2013 में उन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ्य शिविर का डूंमर चौक पर आयोजन करवाया इसमें सैकड़ों गरीब लोग अपने स्वास्थ्य का जांच करवा कर लाभान्वित हुए।2014 में सैकड़ों छात्रों का विश्वविद्यालय द्वारा स्नातक का प्रवेश परीक्षा पत्र निर्गत नहीं होने पर उन्होंने व्यापक आंदोलन को प्रारंभ कर इस समस्या का समाधान करवाया। इनके गांव से महज कुछ ही दूरी से गुजरने वाली नेशनल हाईवे 31 पर आकस्मिक दुर्घटना की स्थिति में घायल होने वाले लोगों को यथाशीघ्र हॉस्पिटल तक पहुंचाना भी धीरे-धीरे इनकी आदत में शुमार हो गया।परिषद की मदद से मैट्रिक परीक्षार्थियों के लिए निशुल्क कोचिंग का संचालन भी यह लगातार करते रहे।इसके अलावा जन समस्याओं के समाधान के लिए कई बार उग्र आंदोलन का भी नेतृत्व इनके द्वारा किया गया और इस दौरान उन्होंने कई बार डूमर चौक पर सड़क जाम भी किया। 2015 में इन्हें कटिहार जिला में परिषद का जिला संयोजक बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस दौरान इनका संपर्क कटिहार के विधान पार्षद अशोक अग्रवाल से हुआ और इन्होंने उनके सहयोग से अपने प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में पंडित दीनदयाल विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत बिजली का पोल और ट्रांसफार्मर लगवाने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया। 2015-16 में इन्हें कटिहार और किशनगंज जिला का विभाग संयोजक मनोनीत किया गया। 2016 में ही श्री ठाकुर कोशी क्षेत्रीय वृद्ध विकलांग समिति के सक्रिय सदस्य बनाये गए। इनकी पारदर्शी कार्यशैली, कर्मठता और समाज सेवा में समर्पण भावना को देखकर पूर्व विधायक बिभाष चन्द्र चौधरी, समेली के तात्कालीन भाजपा प्रखंड अध्यक्ष विमल राय एवं भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता सुनील शर्मा के द्वारा इन्हें भाजपा का सक्रिय सदस्य बनाया गया। 2016-19 में महज 22 वर्ष की आयु में इन्हें प्रखंड अध्यक्ष के रूप में मनोनीत किया गया। प्रखंड अध्यक्ष बनने के पश्चात इन्होंने वर्षों से डूमर चौक से मर गया जाने वाले जर्जर सड़क मार्ग के मरम्मत हेतु जिला स्तरीय नेताओं से संपर्क किया और अंत में पटना जाकर उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी और ग्रामीण कार्य मंत्री शैलेंद्र कुमार से मिलकर अपने पैतृक गांव का ग्रामीण कार्य विभाग के अंतर्गत सड़क निर्माण करवाया। 2017 में तीन दिवसीय संतमत सत्संग का समेली में आयोजन हुआ और आयोजन समिति का इन्हें उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसी वर्ष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्राथमिक शिक्षा वर्ग के नो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन इनके पैतृक गांव डूमर में हुआ, जिसमें सवा सौ लोगों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। संघ के स्वयंसेवक के नाते इस कार्यक्रम में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। 2018 में पुनः कबीर मत के सत्संग कार्यक्रम के आयोजन का व्यवस्थापक की जिम्मेदारी भी श्री ठाकुर को ही सौंपी गई थी। इनके कार्यशैली और इमानदारी से प्रभावित होकर वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने इन्हें 2019 में पुनः समेली प्रखंड का प्रखंड अध्यक्ष मनोनीत किया। सैकड़ों भूले बिसरे लोगों को उनके घर तक सकुशल पहुंचाना एवं सभी प्रकार के सामाजिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों में इनकी तन मन धन से सक्रिय सहभागिता ने इन्हें बहुत कम आयु में आम लोगों के बीच लोकप्रिय बना दिया।
अपने माता-पिता को आदर्श एवं तीन बार डूमर पंचायत के मुखिया रहे बिनोद चौधरी को अपना राजनीतिक गुरु मानने वाले श्री ठाकुर को अपनी राजनीतिक और सामाजिक जीवन में इन्हें कटिहार के विधान पार्षद अशोक अग्रवाल, पूर्व विधायक बिभा ष चंद्र चौधरी, बिहार सरकार के मंत्री विनोद सिंह, बिहार सरकार के सचेतक तारकेश्वर भगत, राजवंशी सिंह, कटिहार के पूर्व जिला अध्यक्ष मनोज राय, वर्तमान कोशी स्नातक निर्वाचन के विधान पार्षद डॉ एनके यादव, पूर्व सांसद निखिल चौधरी, पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन, गिरिराज सिंह, मंगल पांडे, वर्तमान केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, प्रभारी मंत्री रामनारायण मंडल, अररिया के सांसद प्रदीप सिंह, बेगूसराय के विधान पार्षद रजनीश कुमार आदि कद्दावर नेताओं का यथासंभव सहयोग और मार्गदर्शन प्राप्त होता रहा है।

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