39. दिगंबर कुमार
मूल रूप से दिघरी निवासी शिक्षक दंपत्ति योगेंद्र प्रसाद यादव एवं नूतन देवी का जेष्ठ पुत्र दिगंबर कुमार उर्फ विक्की नियोजित शिक्षकों के प्रतिनिधि एवं बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ मूल के जिला संयोजक के रूप में शिक्षक समाज के बीच अपनी पारदर्शी कार्यशैली और शिक्षक हित के लिए लगातार संघर्ष करने के कारण शिक्षक समाज में काफी लोकप्रिय व्यक्ति हैं।इनका जन्म 12 मार्च 1983 को ऑफिसर कॉलोनी कटिहार में हुआ था। अपने चार भाई-बहनों में सबसे बड़े दिगंबर बचपन से एक सिद्धांतवादी और संघर्षशील प्रवृत्ति के इंसान रहे हैं। **** में आदर्श हाई स्कूल कटिहार से मैट्रिक पास करने के पश्चात इन्होंने डीएस कॉलेज कटिहार से साइंस विषय से इंटर किया। **** में मगध विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में बैचलर डिग्री प्राप्त करने के पश्चात इन्होंने एरिना देहली से **** में मल्टीमीडिया एंड वेब डिजाइनिंग का कोर्स पूरा किया। 2007-12 में इन्होंने वेब डिजाइनर एंड टेक्निकल असिस्टेंट के रूप में दिल्ली में पांच वर्षों तक कार्य किया। 2012-14 के बीच इन्होंने जिला परिषद कटिहार में कार्यपालक सहायक के रूप में कार्य किया। इसी दौरान इनका संपर्क वर्तमान में बरारी विधायक नीरज कुमार सहित कटिहार जिला के बहुत सारे कद्दावर जन प्रतिनिधियों से हुआ। 2012 में बिहार शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात अपने माता पिता के दवाब में इन्होंने विज्ञान शिक्षक के रूप में आदर्श मध्य विद्यालय सेमापुर में फरवरी 2014 में योगदान किया। फरवरी 2014 में जिला परिषद कार्यालय कटिहार से त्यागपत्र देकर शिक्षक के रूप में बरारी प्रखंड में
योगदान करने के बाद प्रखंड कार्यालय में कर्मी के अभाव के कारण इनके पूर्व कार्यालय अनुभव को देखते हुए बरारी के तात्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी अरुण कुमार चौबे के द्वारा इन्हें शिक्षा से संबंधित संचिका का संधारण का दायित्व के सौंपा गया।
सबसे पहला कार्य मुझे बरारी प्रखंड के शिक्षकों का वेतन भुगतान हेतु लगाया गया उस समय मेरे द्वारा देखा
गया कि प्रत्येक विद्यालय से अबसेन्टी के नाम पर शोसन किया जा रहा था तब मेरे द्वारा पहला विरोध किया
गया अगर मेरे द्वारा बेतन का कार्य लिया जायेगा तो किसी भी विद्यालय से एक पैसा भी नहीं लिया जायेगा।
उसके बाद ही मैं कार्य करूंगा। इस पर सभी राजी हुए और अबसेन्टी के नाम पर पैसा लेना बन्द हुआ और
निःशुल्क बेतन भुगतान होना प्रारंभ हो गया।
उसक बाद मन देखा कि शिक्षकों के द्वारा करीब 8-9 वर्षों से कार्य किया जा रहा है परन्तु आजतक किसी का।
भी दक्षता और संवर्द्धन से संबंधित बकाया का भुगतान नहीं हो पाया है उसपर मैंने कार्य करना प्रारंभ किया।
जिसके बाद प्रथम किस्त के रूप में बरारी प्रखंड के शिक्षकों को 1 करोड़ 19 लाख 545 रू० प्रथम किस्त का
रूप शिक्षकों को भुगतान करवाया। उसके बाद जो शेष राशि बच गया शत प्रतिशत सभी शिक्षकों का बकाया
भुगतान करवाने में सफल रहा।
उसके बाद मेरे संज्ञान में 15 अगस्त के दिन शिक्षकों को नियोजन इकाई के द्वारा जो भी शिक्षकों को योगदान
कराया गया था उन सभी शिक्षकों को करीब 3-4 वर्षो से भी अधिक का राशि बकाया था। मैंने उन सभी
शिक्षकों का भी भुगतान करवाने में सफल रहा।
उसके बाद नियोजन इकाई के द्वारा एक शिक्षक का प्रशासनिक दृष्टि से स्थानान्तरण कर दिया गया था जो
कि मेरे संज्ञान में आया उसके बाद मैंने इस बात को नियोजन इकाई के समक्ष रखा कि यह शिक्षक के साथ
गलत हुआ उसके बाद भी नियोजन इकाई के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किया गया तब इस बात को मैंने बरारी
के माननीय विधायक श्री नीरज कुमार जी के समक्ष रखा तब उसनें संज्ञान लिखा और जिला पदाधिकारी
महोदय, कटिहार के माध्यम से प्रखंड नियोजन इकाई बरारी का बैठक आहुत कर प्रशासनिक दृष्टिकोण से
स्थानान्तरण को रद्द करवाने में सफल रहा।
उसके बाद जब प्रथम बार शिक्षकों को जूलाई 2015 में वेतनमान प्राप्त हुआ उसका फिक्सेसन के उपरान्त बेतन
भुगतान के नाम पर प्रति शिक्षक हजारों रूपये का शोषन और दोहन की बात सामने आई तब मैंने इसका ।
पुरजोर विरोध किया और हजारों शिक्षकों का निःशुल्क फिक्सेशन के साथ-साथ बेतन भुगतान करवाने में सफल
रहा।
उसके बाद मुझें नियोजन इकाई के द्वारा कई बार शिक्षक नियोजन के कार्य का भी दायित्व दिया गया जिसका
निर्वहन मेरे द्वारा किया गया और जो भी मेरे समय में शिक्षक नियोजन का कार्य किया गया। मेरे द्वारा जो भी।
नियोजन का कार्य किया गया किसी भी अभ्यर्थियों के द्वारा नियोजन इकाई के विरूद्ध कोई आपत्ति नहीं हुआ।
नियोजन इकाई के द्वारा बरारी प्रखंड के मरधिया के एक शिक्षक नजीर अहमद का अकारण स्थानान्तरण कर।
दिया गया संबंधित शिक्षक हमसे मिलने आये तब मैंने नियोजन इकाई के समक्ष उसका नियम और नियमावली
का हवाला देकर उनके स्थानान्तरण को रूकवाने का कार्य किया। (मा०अ० वाली शिक्षिका को देख लिजियेगा।
ससमय निगरानी विभाग, बिहार पटना के समक्ष शिक्षकों के प्रमाणपत्र के सत्यापन हेतु फोल्डर जमा नहीं होन।
के कारण प्रखड शिक्षा पदाधिकारी, बरारी के उपर एफ० आई० आर० होने वाला था। जैसे ही मेरे संज्ञान म
आया त्वरित गति से निगरानी के समक्ष प्रमाणपत्र के सत्यापन हेतु फोल्डर जमा करने में सफल हुए।
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