44. डाक्टर प्रियंवदा
पटना एम्स में कुछ दिनों तक कार्यरत एवं वर्तमान में भारत की सर्वश्रेष्ठ पैथोलॉजी लाल पैथोलॉजी पटना की चीफ ऑफ लैब के पद पर कार्यरत डॉक्टर प्रियंवदा बरारी विधानसभा के लोगों के लिए महिला सशक्तिकरण की एक अद्भुत मिसाल हैं। बिशनपुर पंचायत के वर्तमान मुखिया परशुराम सिंह एवं पूर्व मुखिया श्रीमती सरस्वती देवी की इकलौती पुत्री डॉक्टर प्रियंवदा का जन्म 26 जनवरी 1982 को कटिहार में हुआ था। परिवार के लोग इन्हें प्यार से मुन्नी के नाम से पुकारते हैं। इंदिरा गांधी बालिका विद्यालय हजारीबाग की प्रवेश परीक्षा 1993 में उत्तीर्ण कर इन्होंने छोटी आयु में ही कुछ अच्छा करने के संकेत दे दिए थे। 1997 में इस विद्यालय से मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात इन्होंने पटना विमेंस कॉलेज पटना से 1999 में इंटर की परीक्षा लगभग 75% अंकों के साथ उत्तीर्ण किया। इसके पश्चात कुछ दिनों तक इनका पढ़ाई पारिवारिक कारणों से बाधित हुआ लेकिन 2003 में अखिल भारतीय मेडिकल प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण कर इन्होंने पाटलिपुत्र मेडिकल कॉलेज धनबाद से 2007 में एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त किया। दरअसल बचपन में जब डॉक्टर इन की मां को देखने आती और उन्हें इंजेक्शन लगाती तो उनके मन में अक्सर यह ख्याल आता था कि बड़ी होकर मैं भी डॉक्टर बनूंगी और अपनी मां को इंजेक्शन की जगह सिर्फ दवाइयां दूंगी। इनके माता-पिता भी इन्हें प्रोत्साहित करते रहते थे और इनलोगों की भी हार्दिक इच्छा थी की प्रियंवदा डॉक्टर बने। 2012-15 में इन्होंने कटिहार मेडिकल कॉलेज कटिहार से पैथोलॉजी में एमडी की डिग्री भी प्राप्त किया। इसके बाद इन्हें लगातार 5 वर्षों तक पटना एम्स में कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस दौरान इन्हें डॉक्टर पूनम एवं डॉक्टर रुचि सिन्हा का विशेष सहयोग एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उसके कुछ दिनों के बाद उन्होंने पारस हॉस्पिटल में भी छह माह तक कार्य किया। डॉक्टर प्रियंवदा खुद का हॉस्पिटल खोलना चाहती थी और पैथोलॉजी में एमडी होने के कारण बेहतर अनुभव प्राप्त करने के उद्देश्य वर्तमान में भारत की सर्वश्रेष्ठ पैथोलॉजी लाल पैथोलॉजी लैब के चीफ ऑफ लैब के रूप में लगातार अपनी सेवा दे रही हैं। इनके पति डाक्टर रवि शंकर सिंह भी एक अच्छे डेंटिस्ट हैं। इनकी इकलौती पुत्री का नाम मिहिका प्रिया है।
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