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8. श्री राजीव कुमार जायसवाल

श्री राजीव कुमार जायसवाल एक संगठन कर्ता के रूप में राष्ट्रीय फलक पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले कटिहार जिला के एक ऐसे शख्सियत हैं, जिन्हें जनता दल, भारतीय जनता पार्टी, जन...

7. विभाष चन्द्र चौधरी

बरारी विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी का एकमात्र विधायक, मशहूर अधिवक्ता और गंगा दियारा क्षेत्र में शांति और अमन स्थापित करने, एवं अपने विकास कार्यों से बरारी विधानसभा मे...

6. उषा जायसवाल (के. आर. पी.)

उषा जायसवाल बरारी की महिलाओं के सशक्तिकरण और एक समर्पित शिक्षका के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखती है। महान वीरांगना झांसी की रानी को अपना आदर्श मानने वाली श्रीमती जायसवाल समाज और विशेषकर महिलाओं के लिए जीवन के कठिन उतार - चढ़ाव के बीच संघर्ष की अद्भुत मिशाल है। के. आर. पी. और शिक्षिका की दोहरी भूमिका के साथ साथ विशेष शिक्षा, अनोपचारिक शिक्षा, वयस्क शिक्षा, रात्रि पाठशाला, टोला सेवक की ट्रेनर, साक्षरता दूत आदि के अलावा सभी प्रकार सामाजिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाने वाली श्रीमती जायसवाल आज बरारी के आम लोगों के लिए एक परिचित नाम है। इनका जन्म पांच जुलाई 1966 को एक शिक्षक दंपत्ति के यहां वर्तमान कुर्सेला प्रखंड के मजदिया गांव में हुआ था। इनकी माताजी स्व. कुशुमा देवी (शिक्षिका) और स्व. पंचानंद भगत (शिक्षक) राजकीय बुनियादी विद्यालय टीकापट्टी में कार्यरत थे। दो भाई बहन में छोटी श्रीमती जायसवाल बचपन से अपने पिता बहुत लाडली थी। इनकी प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा उसी विद्यालय से हुई जहां इनके माता पिता नियुक्त थे। आगे चलकर इन्होंने जी. जी. एम. पी. स्कूल पूर्णिया से मैट्रिक की परी...

5. नीरज कुमार यादव (विधायक)

गांधी सर्किट कुर्सेला, सीख सर्किट से  लक्ष्मीपुर गुरुद्वारा का जुड़ाव, कुण्डी घाट पर निर्मित पुल, काढ़ागोला घाट पर दर्जनों कटाव निरोधक स्पर, काढ़ागोला घाट से फुलवरिया तक गंगा दार्जिलिंग पथ का चौड़ीकरण, गंगा किनारे दियरा इलाकों के रूप में चिह्नित तेरह पंचायतों में पैंतालीस किलोमीटर से ज्यादा के सड़कों का जाल, सेमापुर, समेली और बरारी में नए पावर स्टेशन का निर्माण, कुर्सेला पावर स्टेशन का क्षमता वर्धन और ग्रामीण इलाकों के कई नदियों पर पुल - पुलियों का निर्माण आदि कार्यों को देखने के बाद सबसे पहले अगर किसी एक सख्स का नाम बरारी विधानसभा के लोगों के जेहन में आता है तो वह नाम है राजद विधायक नीरज कुमार यादव। अपने पहले ही प्रयास में बरारी विधानसभा की जनता का आशीर्वाद प्राप्त करने वाले श्री कुमार को राजद से टिकट दिए जाने के बाद सबसे पहली चुनौती का सामना बरारी - विधानसभा के राजद के संगठन स्तरीय पदाधिकारियों के विरोध के रूप में झेलना पड़ा लेकिन श्री कुमार इससे बिल्कुल भी विचलित नहीं हुए। दरअसल अपने राजनीतिक जीवन के शुरुवाती दिनों से इन्हें विरोध झेलने और अपने विरोधियों को अपनी व्यवहार कुशलता स...

4. बबीता कुमारी

अत्यंत मिलनसार, गरीबों और जरूरतमदों के हरसंभव मदद के लिए हमेशा सक्रिय, मृदुभाषी लेकिन ओजस्वी वक्ता, भारतीय जनता पार्टी और अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन की राष्ट्रीय सचिव की उभरती हुई नेत्री श्रीमती बबीता कुमारी बरारी विधानसभा के लोगों के लिए किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। राजनीति और समाजसेवा में इनकी सक्रियता का ही यह नतीजा है कि बहुत ही कम समय में भाजपा के बिहार प्रदेश के संगठन मंत्री जी नागेन्द्र सिंह जी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय, बिहार के भाजपा प्रभारी भूपेंद्र यादव, उपमुख्यमंत्री शुशील मोदी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे, कृषि मंत्री प्रेम कुमार, पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, भाजपा सांसद रामकृपाल यादव, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, संगठन महामंत्री राधामोहन शर्मा, आर. एस. एस. के क्षेत्रीय प्रभारी सूबेदार जी आदि के बीच इनकी एक तेजतर्रार प्रखर महिला नेत्री के रूप में एक विशिष्ट पहचान है। इनका जन्म बरारी के एक किसान परिवार में 10 मार्च 1978 को हुआ था। इनकी माता का नाम श्रीमती यशोदा देवी एवं पिताजी का नाम श्री हरिमोहन प्रसाद यादव है। अपने चार भाई बहनों...

3. विश्वनाथ प्रसाद चौधरी

1975 से कांग्रेस राज से वर्तमान मोदी राज के साक्षात  गवाह श्री विश्वनाथ चौधरी बरारी विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए एक परिचित नाम है। इनका जन्म 5 फ़रवरी 1953 को बरारी प्रखंड के कटाव और बाढ़ पीड़ित कांतनगर पंचायत के सिरनियाँ टोला में एक संपन्न मखाना उत्पादक परिवार में हुआ था। ये  अपने पिता स्व. बिहारी लाल चौधरी एवं माता स्व. अनूठा देवी के चार जीवित संतानों में दूसरे नंबर पर आते हैं। इनके जन्म के पूर्व इनके माता पिता ने अपने दो पुत्रों को जन्म के कुछ दिनों बाद ही खो दिया था। इनके पिताजी तीर्थ यात्रा भ्रमण के दरमियान बनारस-काशी गए थे।  काशी स्थित बाबा विश्वनाथ मंदिर में पूजा अर्चना के दौरान इनके पिताजी ने मन्नत मांगी कि अगर मेरा पुत्र जीवित रह गया तो मैं उसका नाम विश्वनाथ रखूंगा। इस प्रकार इनका नाम इनके पिताजी द्वारा विश्वनाथ रखा गया। इनकी प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा प्राथमिक विद्यालय सिरनियाँ  और मध्य विद्यालय कांतनगर में हुई। 1972 में जागेश्वर उच्च विद्यालय से दशवीं की पढ़ाई समाप्त  करने के पश्चात इन्होंने पारिवारिक जिम्मेवारियों के कारण आगे की पढ़ाई छोड़ दी। 1974 म...

2. शालिग्राम यादव

बेहद ही शांत, मृदुभाषी, सभी से दोस्ताना व्यवहार करने वाले निर्भिक प्रवृति के प्रभावशाली व्यक्तित्व के स्वामी श्री शालिग्राम यादव बरारी विधानसभा के सत्ता के गलियारों म...